दिनों के हो दयालू

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दिनों के हो दयालू ,मुझको जरा संभालो,

तेरे दर पे आ गिरा हूं ,मुझको जरा उठा लो,

​

कल तक थे जो यह अपने,सब हो गए पराए,

मुश्किल की इस घड़ी में,कोई ना काम आए,

अपना मुझे बना कर ,दुनिया को यह बता दो,

​

​कश्ती भंवर में मेरी, सूजे नहीं किनारा,

​कोशिश तमाम कर ली ,मिलता नहीं सहारा,

मैं पुकार कर रहा हूं ,आकर मुझे निकालो,

​

तेरे दर का मै भिखारी, बन करके अब रहूंगा,

कुछ ना कहूं किसी से, तुझ को ही सब कहूंगा,

मेरा हाथ अब पकड़ कर , मुझको गले लगा लो,

Written by ...

Amit Balaji ka sewak- kotkapura...

99882-15234

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।