क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राणा जी मीरा से पूछते है के श्याम तेरा क्या लगता है और वो मीरा जी को समझाते हुए कहते है :-

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे क्या लागे क्या लागे क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

मोटे छोटे कपडे छोड़ो मीरा

तुम पहनो साल दोशाल

मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

तुल्सां दी माला छोड़ो मीरा

तुम पहनो नौ लख हार

मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

साधू की सांगत छोड़ो मीरा

नही कुल को लग जाए दाग

मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

मीरा जी राणा को उत्तर देते हुए और मना करते हुए कहती है :-

मोटे छोटे कपडे नही छोडू राणा

यही तो हमारो सुहाग

मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

टुल्सा दी माला नही छोडू राणा

यही तो हमारो श्रृंगार

मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

साधू की सांगत नही छोडू राणा

यही तो हमारो परिवार

मीरा तेरा क्या लागे

क्या लागे गोपाल मीरा तेरा क्या लागे

नन्द बाबा है ससुर हमारे जेठ दाऊ जी दयाल

मीरा तेरा क्या लागे

मात यशोदा है सास हमारी देवर बाल ग्वाल

मीरा तेरा क्या लागे

और पति बिहारी लाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।