संदेसा आ गया यम

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

संदेसा आ गया यम का चलन की कर तयारी है,

बाल सिर के हुए धोले सफेदी आँख पर छाई,

कान से हो गया बेहरा दांत हिलना भी जारी है,

संदेसा आ गया तुम को.....

कमर सब हो गई कुबड़ी चले अब लकड़ी सहारे से,

गई सब देह की ताकत,

लगी तन में बीमारी है,

संदेसा आ गया तुम को.....

छुटी सब प्रीत तेरियां की,

पुत्र सब हो गये नयारे,

बने सब मतलब के साथी,

झूठ लोकन की यारी है,

संदेसा आ गया तुम को.....

करो जगदीश का तुम सुमिरन,

भरो सा राख कर मन में,

वो ब्रह्मा नन्द है तेरा,

एक ही सहाये कारी है,

संदेसा आ गया यम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।