आज किया है माँ ने उपकार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आज किया है माँ ने उपकार बड़ा उपकार माँ मेरे घर आई है।

हम हो गए माला माल माँ मेरे घर आई है

बड़े दिनों से थी ये इच्छा माँ को घर में बुलाएँगे,

मेहरो वाली आद भवानी का हम जगन रचाएंगे,

दिन आया है आज महान माँ मेरे ........

सच्चे मन से याद करो जो माँ करती सुनवाई है,

ये बात सुनी सुनाई नहीं मैंने खुद आजमाई है,

आज माँ ने किया एहसान माँ मेरे......

पांच विकार को छोड़ के जो भी माँ से दिल से बात करे,

जगदीश मेरी शेरोवाली उसके सारे संकट हरे,

हम है बिलकुल अनजान तू रखती मान माँ मेरे....

जगदीश अनजान करनाल

9896249588 ,8708282077

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।