धरती पे बैकुण्ठ जहाँ पावन झुंझुनू धाम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

धरती पे बैकुण्ठ जहाँ पावन झुंझुनू धाम,

पंच देव मंदिर में विराजे बाबा गंगा धाम,

धरती पे बैकुण्ठ ....

जैसे श्री राम के सेवक बलि है केसरी नंदन,

गंगा राम के सेवक यहाँ है देवकी नंदन,

भक्त सिरोमनि की भगति को लाखो लाख परनाम,

पंच देव मंदिर में विराजे बाबा गंगा धाम,

धरती पे बैकुण्ठ ....

ये गंगा राम का मंदिर है सीधा मोक्ष का द्वारा,

लगा है पंच देव दरबार भक्ति की बहे धारा,

शिव दुर्गा लक्ष्मी सहित वीर बलि हनुमान ,

पंच देव मंदिर में विराजे बाबा गंगा धाम,

धरती पे बैकुण्ठ ....

जय हो नारायण अवतारी तेरी महिमा बड़ी भारी,

तेरी चरणों की धूलि से कट ती विपदाएं सारे,

सौरव मधुकर गुण तेरे गाये सुबहो शाम,

पंच देव मंदिर में विराजे बाबा गंगा धाम,

धरती पे बैकुण्ठ ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।