सूरत सलोनी श्याम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सूरत सलोनी श्याम की,

अवसर मिला नसीब से जीवन सवार लो,

सूरत सलोनी श्याम की..

माना तुम्हारी नाव किनारे पे है खड़ी,

तूफ़ान का भरोसा क्या आ जाए किस घड़ी,

कैसे करे गा सामना कुछ तो विचार लो,

अवसर मिला नसीब से जीवन सवार लो,

सूरत सलोनी श्याम की..

जिसके भी दिल में श्याम की सूरत उतर गई,

उसको तो छोड़ संवारा जाता कभी नहीं,

रहता है आस पास ही जब भी पुकार लो,

अवसर मिला नसीब से जीवन सवार लो,

सूरत सलोनी श्याम की..

आँखों से अपने श्याम की आँखों में जाक लो,

चुप चाप बैठ सामने आँखों से काम लो,

बरसे गा प्रेम श्याम की आँखों में जान लो.

अवसर मिला नसीब से जीवन सवार लो,

सूरत सलोनी श्याम की..

बन कर दीवाना श्याम के दामन को थाम लो,

भर देगा खुशियां संवारा जीवन में जान लो,

नंदू निराले देव को अब को निहार लो,

अवसर मिला नसीब से जीवन सवार लो,

सूरत सलोनी श्याम की..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।