बाबा खोल दे अपनों गल्लो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा खोल दे अपनों गल्लो तेरो भक्त मचावे हल्लो ,

तेरे दर पे मैं खड़ा हां झोली खोल के,

चाहे फटकारो या डाँटो हे माहने मत न नाटो,

मैं तो मांग रहा सु बाबा टोल मोल के,

बाबा खोल दे अपनों गल्लो

छोटो मोटो सेठ नहीं तू सेठ है पगड़ी वालो,

हर दम झोली भर के जावे दर पे आने वालो,

सुनते मैं आया बाबा तेरे किस्से,

देख अकेले मैं ना आयो संग में पुरो महलो,

बाबा खोल दे अपनों गल्लो .....

या तू सेठ मत कहलाया सेठाई दिखला दे,

या फिर कोई बड़ा सेठ का नाम तू माहने बता दे,

नाम कमाइयो तू तो फ़ोकट में,

जो देवे गो माहने आके थामु उ को पल्लो,

बाबा खोल दे अपनों गल्लो .....

रह जायेगी यही धरी बाबा तेरी रंग बाजी,

जीत ता आया भक्त तेरा हर दम तेरे से बाजी,

कुछ भी चाहे बाबा तू कर ले,

कहे पवन के काम पड़ो है अपनों पेहलो पेहलो,

.बाबा खोल दे अपनों गल्लो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।