आज सखी मधुवन नाचियो मोर

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज सखी मधुवन नाचियो मोर,

सावन की गणगौर घटाए,

हरयाली चाहु और,

आज सखी मधुवन नाचियो मोर,

सिर पर कलगी पंख रंगीले,

नैन रसीले होठ रसीले,

ताल भजावे नाचे गावे,

खूब मचावे शोर,

आज सखी मधुवन नाचियो मोर,

अगर कोई पकड़े हाथ ना आवे,

कुञ्ज निकुंजों में छिप जावे,

देख मोर की लीला सखियाँ,

हो गई भाव भिवोर,

आज सखी मधुवन नाचियो मोर,

देख मोर ता नाचे किशोरी,

नाच उठी राधा रस भोरी,

मिले पर्श पर चाँद चकोरी,

मिल गई नैनं पोर,

आज सखी मधुवन नाचियो मोर,

मोर लियो बाहो में राधा,

बंसी धर धरा रूप अगाधा,

राधा दर्श कर मिट गई तड़पन,

मधुहारी चित चोर,

आज सखी मधुवन नाचियो मोर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।