नारायण आया पावणा

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

छोरिया म्हारी गाओ ये बजाओ गढ़ की गुजरिया

म्हारा नारायण का गाओ मंगला चार ,,,

म्हारे देव पधारिया पावणा ॥

थाने धन्य धन्य म्हारी मालासेरी डुंगरिया ।

वठे जन्मिया जन्मिया त्रिलोकी का नाथ ॥

नारायण आया पावणा......

सैया मारी कंकर फुटिया कवल निकल्या ।

ये तो कवला में लियो अवतार ॥

नारायण आया पावणा......

देवजी जन्मते बाज्या चंग ढोलडा ।

या तो महला में बाजी सोवन ताल ॥

नारायण आया पावणा.......

हीरा म्हारी पीली गोबर की देदे गुंरली ।

हीरा म्हारी मोतियाँ का चोक पुरायनारायण ॥

नारायण आया पावणा.......

हीरा म्हारी जाओ जोशी ने बेगो बुलावज्यो ।

म्हारा नारायण को निकलवा लेवा नाम ॥

नारायण आया पावणा.......

जोशी जूना पुराना काड़ो टिपणा।

म्हारा उदल को कडवा लेवो नाम ॥

नारायण आया पावणा.......

नारायण पीरु भोपा की सुणज्यो विनती।

देव जी गावे गावे थांका गुण गान।

भक्ता ने लजिया राक ज्यो ॥

नारायण आया पावणा.......

देव जी चम्पा लाल शरण मे आवयो ।

देव जी नित उठ देवे चरणा माये धोक ।

वांकी नैया पार लगावज्यो ॥

नारायण आया पावणा.......

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप 89479-15979

चम्पा लाल प्रजापति

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।