कोई भूल हो तो मुझे टोकना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई भूल हो तो मुझे टोकना,

मगर श्याम अपनी किरपा नहीं रोकना,

तेरे चरणों की धूल से ही सांवरे मुझको जीने का आया सलीका,

फर्क सच झूठ का तेरी किरपा से ही मैंने इस जग में सांवर सीखा,

मेरी झूठ से तू रहे नहीं जोड़ना,

कोई भूल हो तो मुझे टोकना.....

एक कतरा था मैं तो ज़मीन का मगर तेरी रेहमत का आकाश पर हु,

तूने जब से फ़िक्र की मेरे सांवरे हर चिंता से मैं बेफिक्र हु,

कभी साथ मेरा तू नहीं छोड़ना,

कोई भूल हो तो मुझे टोकना

तेरे आगे सदा हाथ फैले रहे मेरी औकात इतनी ही रखना,

ना किसी यार के आगे फैले कही श्याम इतनी दया सिर्फ करना,

मेरी आंख के आंसू तुम्ही पोंछना

कोई भूल हो तो मुझे टोकना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।