मैं आरती तेरी गाऊं

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मैं आरती तेरी गाऊं मेरे गणराज बिहारी।

मैं तुझको रोज मनाऊं ।

तुम गोरा घर जाए’ शिव जी के मन को भाए,

कभी मेरे घर भी आओ मेरे गणराज बिहारी,

मैं आरती तेरी गाऊं मेरे गणराज बिहारी,

कोई छप्पन भोग जी मावे कोई लड्डू बन भोग लगावे,

मैं तो दूर्वा ले आया जीमो गणराज बिहारी,

मैं आरती तेरी गाऊं मेरे गणराज बिहारी ,

तुम एकदंत गणराया मैं शरण तुम्हारी या,

या अब राखो लाज हमारी मेरे गणराज बिहारी,

मैं आरती तेरी गाऊं मेरे गणराज बिहारी ,

8लेखक पंडित संजय शर्मा नसरुल्लागंज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।