शिव बाबा को याद कर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव बाबा को याद कर जी भर उसको प्यार कर,

सांसो को आबाद करले एह मेरे मना,

आया लेके झूमती बहारे रिम झिम बरसती,

स्नेह की फुहारे,

रंग निराला है रूप सलोना दिल चाहे उससे जुदा कब ना होना,

अब न इंतज़ार कर बैठ न हिमत हार कर,

प्रभु का तू दीदार कर ले एह मेरे मना,

शिव बाबा को याद कर ..........

यादो की लेहरो में जो लहराए,

एक अलौकिक सुख वो पाए,

जूही को काँटा करदे कांटे को जूही,

पर्वत को राही करदे राही को जूही,

दिल ही दिल में बात कर मन में मुलाक़ात कर,

खुद को तो आज़ाद करले एह मेरे मना

शिव बाबा को याद कर ..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।