मेरे घर आना साँवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गज़ब की बांसुरी बजती थी, वृन्दावन बसैया की

तारीफ करूं मुरली की या, मुरलीधर कन्हैया की

मेरे घर आना साँवरिया, तुम्हे जाने न दूँगी ll

जाने ना दूँगी, तुम्हे जाने न दूँगी,

मेरे घर आना साँवरिया...........

मेरे घर आओगे तो, माखन खिलाऊँगी,

माखन खिलाऊँगी मैं, मिश्री खिलाऊँगी,

बजाने को ।॥, दूँगी बंसुरिया,तुम्हे जाने ना दूँगी,

मेरे घर आना साँवरिया..........

मेरे घर आओगे तो, दिल में बिठाऊँगी,

दिल में बिठाऊँगी मैं. नज़रों में बसाऊँगी,

बंद कर लूँगी ।॥, मैं नज़रिया, तुम्हे जाने ना दूँगी,

मेरे घर आना साँवरिया.........

मेरे घर आओगे तो, होली ख़िलाऊँगी,

होली खिलाऊँगी, गुलाल लगाऊँगी ,

रंग डालूँगी ।॥, मैं तो केसरिया, तुम्हे जाने ना दूँगी,

मेरे घर आना साँवरिया........

मेरे घर आओगे तो, सखियों को बुलाऊँगी ,

सखियों को बुलाऊँगी मैं, राधा को बुलाऊँगी,

फिर आ के ना ।॥, जाना साँवरिया, तुम्हे जाने ना दूँगी,

मेरे घर आना साँवरिया......

मेरे घर आओगे तो, अँगना सजाऊँगी,

अँगना सजाऊँगी मैं, हार भी पहनाऊँगी,

ओढ़न को ।॥, दूँगी कमरियाँ, तुम्हे जाने ना दूँगी,

मेरे घर आना साँवरिया........

अपलोड करता- अनिल भोपाल बाघीओ वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।