बैठी सजाके दरबार चामुंडा महारानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बैठी सजाके दरबार चामुंडा महारानी,

किने किने मैया तेरा भवन बनाया,

भवन में लगी है कतार चामुंडा महारानी,

बैठी सजाके.......

हाथ मैया के मेहँदी विराजे,

मैया के हाथ हज़ार चामुंडा महारानी,

बैठी सजाके......

गाल मैया के चुनरी विराजे,

चुनरी में तारे हज़ार चामुंडा महारानी,

बैठी सजाके.......

पैर मैया के पायल विराजे,

पायल में घुंघरू हज़ार चामुंडा महारानी,

बैठी सजाके........

द्वार तेरे माँ भगत विराजे,

बोलन जय जयकार चामुंडा महारानी,

बैठी सजाके.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।