खड़ा निज नाथ सेवा में

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

खड़ा निज नाथ सेवा में बता दो क्या चढ़ा दू में,

बता दो क्या चढ़ा दू में बता दो क्या चढ़ा दू में ,

अगर में जल चढ़ा ता हु तो वो मछली का जूठा हे,

इसी से नाथ दिल दुःख ता बता दो क्या चढ़ा दू में,

बता दो क्या चढ़ा दू में बता दो क्या चढ़ा दू में ,

खड़ा निज नाथ सेवा में बता दो क्या चढ़ा दू में ,

अगर में फूल चढ़ा ता हु तो वो भवरे का जूठा हे,

इसी से नाथ दिल दुःख ता बता दो क्या चढ़ा दू में,

बता दो क्या चढ़ा दू में बता दो क्या चढ़ा दू में ,

खड़ा निज नाथ सेवा में बता दो क्या चढ़ा दू में ,

अगर में फल चढ़ा ता हु तो वो पंछी का जूठा हे,

इसी से नाथ दिल दुःख ता बता दो क्या चढ़ा दू में,

बता दो क्या चढ़ा दू में बता दो क्या चढ़ा दू में,

खड़ा निज नाथ सेवा में बता दो क्या चढ़ा दू में,

अगर में दूध चढ़ा ता हु तो वो बछड़े का जूठा हे,

इसी से नाथ दिल दुःख ता बता दो क्या चढ़ा दू में,

बता दो क्या चढ़ा दू में बता दो क्या चढ़ा दू में,

खड़ा निज नाथ सेवा में बता दो क्या चढ़ा दू में,

भजन --राजेश पटेल (राज बाबा)

९४१४२१९६६२ बांसवाड़ा राजस्थान 327001

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।