आज सुदामा किशन घर आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज सुदामा किशन घर आये ॥

किशन घर आये , मोहन घर आये ॥

मिलने की आशा को मन धर लाये आज सुदामा........

बाल सखा के आने की जब,

पहुंची उन्हें खबरिया,

राज सिहांसन छोड़ के दौड़े,

बचपन के साँवरिया,

बालापन की यादें करके ॥

दोनों मित्र हरषाये ॥

आज सुदामा.........

चावल की छोटी सी पोटली,

भेंक जो लाये सुदामा,

प्रेम से चूमें उसे कन्हैया,

जैसे मिला खजाना,

ऐसे गदगद हुए मुरारी ॥

स्वयं सुदामा शरमाये ॥

आज सुदामा.........

स्वयं मित्र की आव भगत में,

जुट गये हैं बनवारी,

जिसने भी इस दृश्य को देखा,

देख हुऐ है बनवारी ,

ऐसा है ये वक़्त निराला ॥

कि महिमा कही ना जाये ॥

आज सुदामा.........

सिंगर भरत कुमार दवथरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।