तेरी मेरिये कहानी अमाइये कई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी मेरिये कहानी अमाइये कई सदियां पुराणी अमाइये,

जदो भी माये इस दुनिया ते आया हां,

तू ही मेरी माँ लाल तेरा ही कहाया हा,

गल सच्ची तनु दसदा हां एमी झूठ ना तू जानी अमाइये

तेरी मेरिये कहानी अमाइये........

सदा सच्चा एक नाम लिख ले,

ओ डोर जदो टूटे साहवा दी ओहदो मुखो बस माँ निकले,

कदे श्री धर बन तनु मैं धया सी,

कदे मैं धयानु बन शीश चढ़ाया सी,

सदा लेखे तेरे लाइ एह मैं जींद एह निमणि अमाइये,

तेरी मेरिये कहानी अमाइये......

जग सारा मैनु तेर नाम नाल जाने माँ नाम नाल जाने माँ,

सागर न आज तेरे दुनिया पहचाने माँ,

रम्पी तेरा राजा पूत माँ तू है मेरी महारानी अमाइये,

तेरी मेरिये कहानी अमाइये......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।