पहले नही देखा कैसे हो

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पहले नही देखा कैसे हो भरोसा इतना बता हनुमान,

तेरी रामजी से क्या पहचान,

कौन सी घडी में कौन सी जगह पे हुइ तेरी मुलाकात,

किस कारण से मेरे प्रभु ने रखा तुमको साथ,

हाथ कैसे आई उनकी निशानी , ये है असंभव काम,

तेरी रामजी से क्या पहचान.....

गढ लंका मे आय़ा कैसे राछस है भगवान ,

तमको भेजा पास मे मेरे आये क्यो नही राम,

नर वानर का साख हुआ कैसे ये है असंभव काम,

तेरी रामजी से क्या पहचान......

करके भरोसा देखा मैने और धोखा खाया,

बात न मानी लछ्मण जी की ऐसा दिन आज आया,

हुई भुल मुझसे बनवारी तबसे बिछड गये मेरे राम ,

तेरी रामजी से क्या पहचान.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।