मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी,

तोहार दुअरी हो सोहजाना नगरी,

मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी,

अँगना बहारब मैया, ओसरा बहारब ,

औरो बहारब हम तोहार दुअरी,

मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी,

अंगना पखारब मैया ओसरा पखारब,

गहबर पखारब हम रगरी रगरी,

मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी,

अड़हूल चढ़ायब मैया नारियल चढ़ायब,

औरो चढायब हम ललकी चुनरी,

मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी,

सांझ सवेरे मैया तोहरा निहारब,

जीवन सफल हो जेेैते हमरी,

हो मैया जीवन सफल हो जेेैते हमरी,

मैया आबि गेलयो हमे तोहार दुअरी,

तोहार दुअरी हो सोहजाना नगरी,

मैया आबि गेलयो हम तोहार दुअरी,

रचनानाकर -प्रभाकर कुमार

माँ काली मंदिर , सोहजाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।