पीले पीताम्बर वालिया आ मिल जावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पीले पीताम्बर वालिया आ मिल जावे,

पल पल वेखा तेरा राह वे,

आ मिल जावे

छोड़ दियांगी मैं माथे दी बिंदिया

चन्दन तिलक लगावे

आ मिल जावे

छोड़ दियांगी मैं कन्न दे झुमके

कान्नो में कुंडल पावे

आ मिल जावे

छोड़ दियांगी मैं गले दा पेंडल

तुल्सां दी माला पावे

आ मिल जावे

छोड़ दियांगी मैं शाल दोशाले

भगवा चोला पावे

आ मिल जावे

छोड़ दियांगी मैं महल चोबारे

जंगल कुटइया पावे

आ मिल जावे

की करांगी माये छोटा जिहआ वर नी

श्याम वर मैं पावे

आ मिल जावे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।