हंस पे सवार होके

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हंस पे सवार होके, आवो मेरी मईया ॥

विनती करूँ मैं हाथ जोड़ हो,

वीणा बाली मईया विद्या का दान दो,

कर दो सभा में बेड़ापार हो,

सुरों की रचयता मां, ज्ञान की तू देवी ॥

सारा जग सुमिरे तोहे, हे महादेवी ॥

कंठ ना तुम्हारे बिना, गावे कोई गितवा ॥

करो अब ना कोई विचार हो,

बीणा वाली मईया........

भक्ति और भाव से मां, तुमको मनावऊँ ॥

मुख से गवाईके मां हमको बढ़ावो ॥

सुर ताल ज्ञान देके गले में समावो ॥

गावे तेरा जो भारत गीत हो

बीणा वाली मईया......

सिंगर भरत कुमार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।