मेरा कान्हा रूसिया ओये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कान्हा रूसिया ओये दस किवे मनावा ओहनू जी,

मेरा दिल पेया करदा है मैं लाड लड़ावा ओहनू जी,

मेरा कान्हा रूसिया ओये....

राता न सपने विच आवे दिने न मैनु दिसदा आडियो,

कुंडा खड़के बुहा खोला मन मेरा बड़ा पिस्दा आडियो,

मैनु दस दो ऑडियो नि किवे दिने भुलावा ओहनू जी,

मेरा कान्हा रूसिया ओये.......

राता न ते यह वादे करदा दिने एह क्यों भूल जन्दा ऑडियो,

मेरे भुलाया ता ना आवे सपने विच क्यों आंदा ऑडियो,

मैं भी रूस जावा गी जे तरस ना आया ओहनू जी,

मेरा कान्हा रूसिया ओये

बाल रूप विच आ जा कान्हा तेरे मैं तरले पावा सोहनिया,

यमुना जी दा नीर लया के तनु इशनान करवा सोहनिया,

किवे मात यशोदा जाहि डांट लगावा ओहनू जी,

मेरा कान्हा रूसिया ओये

गुरु देव दियां कीतियां मिन्ता कान्हा मेल करवा दे सोहनियाँ,

तेरियां रब नाल सिध्दियां गला युक्ति तू समजा दे सोहनिया,

गुरु दसियां तरीका है पी पी अपनाया ओहनू जी

मेरा कान्हा रूसिया ओये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।