पलके उठा के सवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पलके उठा के सवारे एक बार देखलो,

आँखों से मेरी बह रही धार देखलो.

पलके उठा के सवारे...

दाता तेरे जहां की रफ़्तार है बड़ी,

किस्मत हमारी क्यों भला रूठी हुई पड़ी,

पिछड़ा हु मैं ज़माने से दातार देख लो,

पलके उठा के सवारे.....

बदला है तूने जीत में कितनो की हार को,

कश्ती हमरी फिर भला कैसे ना पार हो,

थामा है तूने हाथ को हर वार देख लो,

पलके उठा के सवारे...

हारा हुआ गरीब हु हारे के साथी सुन,

बदले गे तेरे द्वार पे मेरे भी प्यारे दिन,

सन्मुख खड़ा हु आपके सरकार देखलो.

पलके उठा के सवारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।