देखो देखो देवघर नगरिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देखो देवघर देखो भोले का शहर देखो,

एक एक करके दिखाऊंगा मैं बाबा धाम तुझको घुमाऊंगा मैं ।

घूमो फिरो भाई घूमो फिरो देवघर नगरिया में घूमो फिरो...देखो देवघर ॥

कितना मनोरम ये त्रिकुटाचल है,चारों तरफ ही घना जंगल है,

चोटी से निकला हुआ है ये झरना,शिव दुर्गा मंदिर का देखो ये अंगना ।

संतों के आश्रम का क्या है कहना,आनंद लो अब तपोवन का,

दुर्गम नजारों के दर्शन का,अब देखो मंदिर ये नौलखा ॥

आज अनमोल है जी मोल इसका,

घूमो फिरो भाई घूमो फिरो देवघर नगरिया में घूमो फिरो...देखो देवघर ॥

ऊँची पहाड़ी में है ये नंदनवन,बच्चों का होता यहाँ मनोरंजन,

आश्रम ये देखो जी सत्संग नगर का,अनुकूल ठाकुर के जीवन सफर का ।

नवदुर्गा मंदिर भी है ये गजब का,ये बम बम बाबा का आश्रम है,

छोटा सा होकर भी अनुपम है,अब योगाश्रम देखो प्यारे ।

लोग जुड़े है यहाँ बहुत सारे,

घूमो फिरो भाई घूमो फिरो देवघर नगरिया में घूमो फिरो...देखो देवघर ॥

ये देखो हरिला जोड़ी की माटी,रावण ने की लघुशंका यहाँ थी,

अब देखो शिव गंगा आके यहाँ पे,दशमुख ने खोदा इसे मुट्ठी दबा के ।

शुद्ध हुआ वो यही पे नहा के,देवघर की जान है ये शिवगंगा,

यात्रियों की जान है ये शिवगंगा,इसके बगल में है ये मानसरोवर ॥

राजा मानसिंग जी की है ये धरोहर,

घूमो फिरो भाई घूमो फिरो देवघर नगरिया में घूमो फिरो...देखो देवघर ॥

संकलन-गिरधर महाराज

भाटापारा छत्तीसगढ़

मो.९३०००४३७३७

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।