मन भुला न कर तू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन भुला न कर तू जपा कर राधे राधे,

पल पल जपा कर तू रटा कर राधे राधे,

ये बड़ा है पावन नाम तेरी बिगड़ी बना दे,

मन भुला न कर तू........

बिन मांगे मुझे सब कुछ मिला जब से राधा शरण में आया,

मैं तो पग ही चला राधा रानी में हाथ बढ़ाया,

ये सच है सपना नहीं मेरे तो बाग़ जागे,

मन भुला न कर तू...

ब्रिज की सवामणी राधा रानी राधा जगत आधार,

रोज गेहरा करता या श्री राधा जी से प्यार,

मीठा है राधा नाम पल में मस्ती चढ़ा दे,

मन भुला न कर तू...

सरस्तवति लक्ष्मी अवतार पूजे इसको ये संसार,

चौरासी से करती ये पार कभी न छोड़े ये मझधार,

इस चन्दर दास को भी अब चरणों से लगा ले,

मन भुला न कर तू

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।