सवाल सा मेरा यार नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नी मैं अख सा बीच बाजार नी सवाल सा मेरा यार नी,

दर दर भटका इक दी मारी झूठी नैया मेरी यारी,

मेरा इक नहीं लाचार नहीं सवाल सा मेरा यार नहीं,

नी मैं आँख सा बीच बाजार नी सवाल सा मेरा यार नी,

माने गीता में श्याम गवाया रूस गया मोहन फेर ना आया,

नी मैं रोनी आ हज़ारो हज़ार नी,सवाल सा मेरा यार नहीं,

नी मैं आँख सा बीच बाजार नी सवाल सा मेरा यार नी,

आज आमल हद कोलो बढ़ के ज़िंदगी मेरी श्याम कोलो सद के,

नी मैं तन मन दे सा वार नी सवाल सा मेरा यार नहीं,

नी मैं आँख सा बीच बाजार नी सवाल सा मेरा यार नी,

मुंडलहासा श्याम दे कोलो पर्दा धरी किस दे कोलो,

भावे लोकि सूटन मार नी सवाल सा मेरा यार नहीं,

नी मैं आँख सा बीच बाजार नी सवाल सा मेरा यार नी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।