चलो जी चलो जी भोले नाथ को चल कर मनायेगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चलो जी चलो जी भोले नाथ को चल कर मनायेगे,

चन्दन फूल और फल से पावन गंगा जल से,

चलो जी चलो जी भोले नाथ को चल कर मनायेगे,

भस्मी से शिव का शृंगार हम करे गे,

सजा के फूलो से दिद्दार हम करे गे,

शिव की शरण में जायेगे सुख का दान पाए गे,

चलो जी चलो जी भोले नाथ को चल कर मनायेगे,

सब देवो से अलग महादेव है हमारे,

अपनी जटाओ में गंगा जी को धारे,

जल से जब नेहलायेगे दुःख सब मिट जायेगे,

चलो जी चलो जी भोले नाथ को चल कर मनायेगे,

द्वार पे धड़क चल खुशियों से स्वर ले,

छोड़ के सब चिंता लाख ध्यान कर ले,

बन के सवाली जायेगे खाली नहीं आएंगे,

चलो जी चलो जी भोले नाथ को चल कर मनायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।