तुमहे क्या रंग लगाऊ कौन सा रंग लगाऊ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे कुछ तो कहो नन्द लाल,

की फागुन फिर से खड़ा है आन,

तुमहे क्या रंग लगाऊ कौन सा रंग लगाऊ,

हरा क्या लगाऊ तुम पहले हरी हो,

नीला क्या लगाऊ तुम नील मणि हो,

क्या मुख पे लगाऊ रंग लाल तुम हो बांके बिहारी लाल,

तुमहे क्या रंग लगाऊ कौन सा रंग लगाऊ,

गुलाबी जो लगाऊ तुम दीखते गुलाब हो,

गौरग लगाउ तुम खुद की गौरंग हो,

क्या काला मालू मैं सरकार के तुम हो कालो के भी काल,

तुमहे क्या रंग लगाऊ कौन सा रंग लगाऊ,

बदली जो लगाउ तुम बदल न जाना,

बुरा जो लगाऊ तुम भूल ना जाना,

क्या भगवा लगाऊ भगवन है इस में रंगे हुए हनुमान,

तुमहे क्या रंग लगाऊ कौन सा रंग लगाऊ,

संत कहे तोहे पीला ही सुहावे,

भानु सुता तेरे मन में समाये,

हरिदासी लिया पहचान अब तो पीला ही डालू घनश्याम,

तुमहे क्या रंग लगाऊ कौन सा रंग लगाऊ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।