मेरा अवगुण भरा शरीर कहो ना कैसे तारोगे

पारंपरिक
श्री राम कथा विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरा अवगुण भरा शरीर, कहो ना कैसे तारोगे

कैसे तारोगे प्रभु जी मेरो, प्रभु जी कैसे तारोगे

मैली चारद मैली झील, कहो ना कैसे तारोगे...

पाप करंता हँसे यह मनवा, जाप करंता रोवे

भोग रोग में निसदिन जागे, कथा कीर्तन सोवे

नित नित सोचे उलटा तदबीर, कहो ना कैसे तारोगे...

मीरा तुलसी नहीं सुहावे, नौटंकी मन भावे

राम नाम से जी कतरावे, पल पल काम सतावे

हमे रुचे ना सूर कबीर, कहो ना कैसे तारोगे...

कंचन और कामिनी मन ने करनी एक करी ना,

हीरे छोड़ बटोरी कंकर, तृष्णा तनिक मरी ना

ऐसी फूटी पड़ी तकदीर, कहो ना कैसे तारोगे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।