चोरी चोरी मिलया कर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चोरी चोरी मिलया कर काम दुनिया दे नहीं मुकदे,

काम दुनिया दे नहीं मुकदे काम दुनिया दे नहीं मुकदे,

तनु प्यार करन वाले कहंदे रोकियाँ भी नहीं रुकदे,

चोरी चोरी मिलया कर....

तू ही श्याम सड़े दिला दा करार वे,

देखा जदो दिल हॉवे ठंडा ठार वे,

श्यामा तेरी याद दे विच हंजू अखियां दे नहीं सूक दे,

चोरी चोरी मिलया कर....

कर के बहाना कदी चोरी मिल जाया कर,

दिल दे बीमारियां दा हाल पूछ जाया कर,

कइने मगरू हो गए हो हाल दुखिया दा नहीं पुछदे,

चोरी चोरी मिलया कर....

रोंडा है दिल हूँ आवे तेरी वे दुनिया दे मेहनेया ने किता बर्बाद एह,

ज़रा एके वेख का वे म्हणे दुनिया दे नहीं मुकदे,

चोरी चोरी मिलया कर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।