बहुत हो गया अब सम्भालो कन्हैया

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बहुत हो गया अब सम्भालो कन्हैया

सम्भालो कन्हैया, सम्भालो कन्हैया, बचालो कन्हैया

दरिया दुखों की में नैया चलाना

कितना मुश्किल है प्रभु हमने ये जाना

दरिया सुखों की बहा दो कन्हैया

बहुत हो गया.........

नहीं जग से आशा ना परवाह किसी की

अगर तूं है साथी तो ना चाहत किसी की

मुझे अपना साथी बना लो कन्हैया

बहुत हो गया.........

खुशियों से भर दो मेरा श्याम दामन

हरो पाप सारे करो मुझको पावन

नंदू गले से लगा लो कन्हैया

बहुत हो गया........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।