हर हर हर महादेव

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हर हर हर महादेव हर हर हर महादेव,

हे तीनो लोको के स्वामी,

हे देवो के देव,

हर हर हर महादेव

जय हो काशी विशव नाथ जी जय भोले कैलाशी,

नील कंठ जय हो नागेश्वर जय देवघड के वासी,

गोरी शंकर हे त्रिपुरारी दाता तू ये कुमेर,

हर हर हर महादेव ....

जिसने तेरी धरी धगरियाँ कावड़ के विश्वाशी,

शक्ति बन के स्वयं समै गये भक्तो के सुख राशि,

महा काल तेरी महिमा का हो रस पान सदैव,

हर हर हर महादेव

वेद वे वखाने पुराण भी वखाने भोला के दीवाने जग प्रेम वसा ले,

राम कृष्ण सब से तेरी बनती शरणागत हर देव,

हर हर हर महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।