घडी घडी मने थारी ओल्यू सातवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

ओल्यू सतावे मासु रहा नहीं जावे,

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

भगता ने देख देख तू तो मुश्कवे है,

मुस्कातो मुखडो प्यारो घणो याद आवे से

भूल नहीं पाउ बाबा जीब भर आवे,

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

याद माहने आवे बाबा खाटू का नजारा रे,

गली गली थारा कीर्तन झूमे प्रेमी सारा रे,

चंग ले धमाल टाबर मस्ती में गावे,

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

फागण की ग्यारस और रंगीलो मेलो रे,

दर्शन के खातिर थारे भगता को रेलों रे,

जय कारा की गूंज माहरे काना में आवे,

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

कोई आवे पेट पालणियां कोई नंगे पाँव रे,

हाथ में निशान लेके आवे थारे गांव रे,

कोई नाचे कोई बाबा नीर भहावे,

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

रजनी पुकारे बाबा फेर कद भुलाओ गा,

धीर छूटे जावे कब कालजे लगावो गा,

रह रह के म्हणे तो हिजकियाँ आवे,

घडी घडी मने थी ओल्यू सातवे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।