रानी सती आज मेरे घर आई

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रानी सती आज मेरे घर आई घर आई माँ घर आई,

मुझपे तरश ये खा गई और मेरा मान बड़ा गई,

रानी सती आज मेरे घर आई ....

सुन ली मेरी दादी ने फर्याद रखली माँ ने बेटी की अबलाज,

अर्जी मेरी इसने सुनी मेरा साथ निभा गई और दुनिया को दिखला गई,

रानी सती आज मेरे घर आई ....

कैसे करू मैं दादी का सत्कार,

बेटी तो बस दे सकती है प्यार,

सुख की घडी आई बड़ी ये साँची प्रीत निभा गई और रुखा सूखा खा गई,

रानी सती आज मेरे घर आई

दिल में मेरे दादी की तस्वीर हर्ष जगी है आज मेरी तकदीर,

माँ के भजन गाउ सदा ये मुझसे प्यार जता गई और सिंह पे चढ़ कर आ गई,

रानी सती आज मेरे घर आई ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।