भोले तेरा नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरा नाम भोले तेरा नाम,

अँध्यारे में उजाला है तू देव निराला है,

पागल नहीं हु मैं फिर भी दया तेरी बरस ती रात दिन,

दीदार को भोले प्यासी मेरी अँखियाँ तरस ती रात दिन,

एक तेरा दीदार अमृत का प्याला है,

तू देव निराला है,

भोले तेरा नाम...

तेरा रूप मंगल है तेरा नाम मंगल है,

तेरा ध्यान कल्याण है,

पापी को भी अपनाये हे भोले भंडारी,

तू करुनानिधान है,

शमा करे अपराध तू बड़े दिल वाला है तू देव निराला है,

भोले तेरा नाम.......

टूटे सितारों को तुम ही सजाते हो गंगाधर त्रिपुरारी,

बिगड़े मुकदर हो तुम ही बनाते हो मेरे महादेव हरी,

कष्टों में तुमने सूंदर लाल को संभाला है तू देव निराला है,

भोले तेरा नाम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।