काँवरियों के संग

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

काँवरियों के संग कावड़िया हा सबके कंधे धरी कावड़ियाँ,

बोले सब मिल के बम बम हर हर बम हर बम बम,

काँवरियों के संग....

ओ सावन की रुत है आई भगतो पे मस्ती छाई,

कावड़ भरने की सबने आपस में होड़ लगाई,

रिम झिम बरसे बदलियां ऊंची नीची राह डगरियाँ,

बोले सब मिल के बम बम हर हर बम हर बम बम,

पाँव में गुनगुरु शंके सब निकले है सज धज के,

गंगा जल कावड़ भर के भोले के चले है दर पे,

बसती बस्ती गांव नगरियां सजी आज भोले की द्वारियाँ,

बोले सब मिल के बम बम हर हर बम हर बम बम,

मंदिर में भीड़ है भरी हर भगत की आई है बारी,

शिवको अशनान कराया सब आये शरण तुम्हारी,

गिरी भी भर ले आया गगरियाँ,

भक्तो पर है शिव की नजरियां,

बोले सब मिल के बम बम हर हर बम हर बम बम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।