मेरे बांके बिहारी बांके सनम

बाबा रसिका पागल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बांके बिहारी बांके सनम,

मैं तेरा हो गया तेरे प्यार की कसम,

मैं तेरा हो गया संसार की कसम

ना तुम मुझे रूठो न मैं तुमसे रुठु न,

तुम मुझको छोड़ो न मैं तुम को छोड़ू,

चाहे देदो ख़ुशी चाहे दे डालो गम,

मेरे बांके बिहारी बांके सनम,

दीवना हु तेरा तू है प्राण मेरा,

तेरे दर पे आके जला मेरा जरा,

जानके दीं मुझपर तुम करदो रेहम,

मेरे बांके बिहारी बांके सनम,

मेरी मौत बन गई है तेरी जुदाई,

तेरे आने से पहले मेरी मौत आई,

तेरे द्वारे हो मेरा जीवन ख़त्म ,

मेरे बांके बिहारी बांके सनम,

तेरा बन के पागल तुझे ढूंढ़ता हु,

सभी से ठिकाना तेरा पूछता हु,

तेरे चरणों में मेरा निकल जाये दम,

मेरे बांके बिहारी बांके सनम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।