जय हो माँ अंजनी का लाला लाल लंगोटे वाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय हो माँ अंजनी का लाला जय हो लाल लंगोटे वाला,

प्रभु देह तुम्हारी लाल है झंडा लाल लाल सालासर वाले,

हो भगतो के रखवाले,

जय हो माँ अंजनी का लाला....

बचपन से ही लाल रंग बजरंग तुझे है भाये आसमान पर देखे सूरज लाल लाल ढाये,

लाल रंग का फल समज के तुम सूरज ही खा डाले,

प्रभु देह तुम्हरी लाल है झंडालाल,

लाल मेहंदीपुर वाले है भगतो के रखवाले,

लाल लाल फल रावण की भगियां का मुस्काये,

तहस मेहस कर दियां भाग अक्षय को मार गिराए,

अरे लाल लाल अग्नि से लंका ही तुम जला डाले,

प्रभु देह तुम्हारी लाल है झंडा लाल तेरे है काम निराले प्रभु सालसर वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।