चेला भोले नाथ के बने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जब से बिना लिया भोले को नाथ गुरु ये चेले के ये हो लिया साथ,

जिस और चल दिए बम बोलके उसी और रस्ते बने,

पीछे मुड़ के तका नहीं जब से चेला भोले नाथ के बने,

बड़े बड़े घर दिये भोले नाथ जी ने मने बड़ी बड़ी दी है गाड़ियां,

बड़ी कर दी है औकात मेरी जाऊ यहाँ बजती है तालियां,

नहीं हार ने दिया भोले नाथ ने भले जिस से भी बीहड़े,

पीछे मुड के तका नहीं जब से चेला भोले नाथ के बने,

देखा नहीं कोई दूसरा मैंने तो इतना बड़े दिल वाला,

रावण हो चाहे राम हो जिस ने जो मांगा दे डाला,

शिव ने किया एहसान सब पे बड़े बड़े,

पीछे मुड के तका नहीं जब से चेला भोले नाथ के बने,

देवो के देव ये भोले नाथ मेरे महादेव तभी कहलाते,

दनियो के दानी देते मन मानी भक्तो को सेठ बनाते,

दुनिया को दे धन माल रहे आप जोगी बने ,

पीछे मुड के तका नहीं जब से चेला भोले नाथ के बने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।