प्रेम की पीड़ा मीरा जाने या जाने राधा

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम की पीड़ा मीरा जाने या जाने राधा,

राधा राधा कह ले प्राणी कट जाएगी वाधा,

प्रेम की पीड़ा मीरा जाने या जाने राधा

प्रेम अमर है प्रेम अज़र है गंगा जल सी धारा,

प्रेम से उची नहीं उचाई प्रेम प्रभु को प्यारा,

प्रेम नहीं बिन भव के ये जीवन है आधा,

राधा राधा कह ले प्राणी कट जाएगी वाधा,

प्रेम त्याग है प्रेम समर्पण,

प्रेम भक्ति है पूजा,

प्रेम में तन मन भक्ति में हो ऐसा प्रेम न दूजा,

हीरा दासी गिरधर प्रभु वर एसो प्रेम अगाहदा,

राधा राधा कह ले प्राणी कट जाएगी वाधा,

प्रेम की ज्योति जग मग नित नित होती बांकी,

प्रेमी की भाषा ऐसी जैसे होती सूरज झांकी,

मीरा के प्रभु गिरधर नागर श्याम का प्रेम है राधा,

राधा राधा कह ले प्राणी कट जाएगी वाधा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।