श्याम वे तेनू जान ना देना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तन मन धन सब देना श्याम वे तेनू जान ना देना,

रल मिल सखिया ने मता मताया,

अपने शाम दा मुल पुवाया,

ओ असी दुनिया तो की लेना,

शाम वे तेनू जान ना देना,

रल मिल सखिया ने पलड़ा मंगवाया,

इक पलड़े विच शाम नू बिठाया ,

दुजे पलड़े सारा गहना,

शाम वे तेनू जान ना देना...

गहना ग ट्टा मुक गया सारा ,

शाम जी दा पलड़ा अजे वी भारा

भर आये सखिया दे नैनां,

शाम तेनू जान ना देना..

तुरदे फिरदे नारद आये,

शाम नू देख के मुस्काये,

तू मन सखिया दा कहना,

शाम नू जान ना देना......

इक तुनसी दा पत्ता मगवायां,

उसदे उते राधा शाम लिखवाया,

पलडा हो गया बराबर,

शाम तेनू ……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।