राती सपने दे विच नी गोपाल आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राती सपने दे विच नी गोपाल आ गया,

गोपाल आ गया नंद लाल या गया,

नी ओ उड ,छिके ते चढेया,

मैथो जांदा नहियो फडिया,

नी मै देख दी ही रह गई,

मखन सारा खा गया,

नी ओ बंंसरी मधुर वजावे,

मोरां वागनं पैलां पावे,

नी ओ सावरा सलोना मेरे मन नू भा गया

नी ओ यमुना तट ते जावे,

सखिया नाल रास रचावे

अज सखिया ने ,

शाम नू घेरा पा लया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।