मेरे नेनो में बस जाओ नंद लाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे नेनो में बस जाओ नंद लाला,

मेरी बिगडी बना जाओ नंद लाला,

नाम प्रभु दा लैंदी मीरा हो गई दीवानी,

दर दर दे धकके खांदी महलां दी ओ रानी,

जहर प्याला पी के मीरा एहो सी बस गांदी,

मेरे नैनो में बस जाओ नंद लाला.....

सूरदास ने प्रीत लगाई ,आँखा दोनो खोइया,

शाम मेरा सच्चा प्रीतम ,उसदा ही में होया,

सुरदास ने दर्शन करके एहो ही बस गया,

मेरे नैनो में बस जाओ नंद लाला.....

घन्ऩे जट्ट ने प्रीत लगाई पथरां विचो पाया,

नाले उस दे खेत बुयाये नाले साग ते टोढा खाया,

घन्ऩे जट्ट ने दर्शन करके एहो ही बस गया,

मेरे नैनो में बस जाओ नंद लाला......

भरी सभा विच द्रोप्ता पुकारे,

द्धारका पूरी तो आया,

नाले उसदी लाज बचाई नाले चीर बढाया,

दर्शन पाके द्रोप्ता ने एहो ही बस गया ,

मेरे नैनो में बस जाओ नंद लाला......

सत संग दे विच संगत पुकारे,

शाम सुन्दर तू आजा,

नाले साड़ी बिगड़ी बना दे,

नाले दर्श दिखा जा,

दर्शन पाके संगत ने एहो ही बस गया,

मेरे नेनो में बस जाओ........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।