बनवारी तेरी यारी ने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीवाना बना दिया हमे, मस्ताना बना दिया ll

हो बनवारी lll तेरी यारी ने, दीवाना बना दिया ll

भूल गई सुध बुध अपनी, बे-सुध सी हो गई,

अपने ही घर में रह कर, बेघर सी हो गई ll

तुम्हे शमा ll, बना के दिल अपना, परवाना बना दिया

बनवारी तेरी यारी ने...........

तेरी पायल का बन घुंघरूं, नाचूंगी संग मैं,

छोड़ रंग दुनियाँ के रंग गई, तेरे ही रंग में ll

तुम्हे बना के ll, मथुरा और खुद को, बरसाना बना दिया

बनवारी तेरी यारी ने............

कुछ भी कहे ज़माना, अब कोई परवाह नहीं,

धन दौलत और शोहरत की, अब मुझ को चाह नहीं ll

क्या करूँ ll, कांच के टुकड़ों का, मैंने हीरा पा लिया,

बनवारी तेरी यारी ने........

तुम जो प्रेम पतंग बनो, बन जाऊँगी डोर मैं,

उड़ती फिरूं गगन में संग संग, चारों ओर मैं ll

कहे किशन ll,तेरी पद रैनू ने, जग बंधन छुड़ा लिया,

बनवारी तेरी यारी ने.............

अपलोड करता- अनिल भोपाल बाघीओ वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।