देवा हो देवा गणपती देवा

पारंपरिक
श्री गणेश मंत्र गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजानंद का नाम ले शुरू करे जो काम,

संकट कोई ना पड़े सदा मिले आराम,

सत्संग मेरे आओजी गौरी पुत्र गणेश,

प्रथम निमंत्रण आपको ब्रम्हा विष्णु महेश ॥

देवा हो देवा गणपती देवा तुमसे बढ़कर कौन ।

और तुम्हारे भक्तजनों में हमसे बढ़कर कौन ॥

अदभुत रूप ये काया भारी,महिमा बड़ी है दर्शन की,

बिन मांगे पूरी हो जाये,जो भी इच्छा हो मन की ।

गणपती बप्पा मोरिया,मंगलमूर्ति मोरिया...

देवा हो देवा ॥

छोटी सी आशा लाया हूँ,छोटे से मन में दाता,

मांगने सब आते हैं,पहले सच्चा भक्त ही है पाता ।

गणपती बप्पा मोरिया,मंगलमूर्ति मोरिया...

देवा हो देवा ॥

संकलन एवं स्वर-

गिरधर महाराज

भाटापारा,छत्तीसगढ़

मो.9300043737

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।