काली काली अलकों के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( मेरा इक्क नज़र तुझे देखना, किसी बंदगी से कम नहीं

करो मेरा शुक्रिया मेहरबान, तुझे दिल में हमने वसा लिया

आप इस तरह से होश, उड़ाया न कीजिए ll

यूँ बन सँवर के सामने, आया न कीजिए ll )

काली काली अलकों के ll, फंदे क्यों डाले

हमे ज़िंदा रहने दे, ऐ मुरली वाले

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले

सित्तमगर हो तुम, खूब पहचानते हैं

तुम्हारी अदाओं को, हम जानते हैं

फ़रेबें मोहब्बत में, उलझाने वाले

हमे ज़िंदा रहने दे, ऐ मुरली वाले

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले

ये रंगीले नैना, तुम्ही को मुबारक

ये मीठे मीठे बैना, तुम्ही को मुबारक

हमारी तरफ से, निगाहें हटा ले

हमे ज़िंदा रहने दे, ऐ मुरली वाले

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले

सँभालो जरा ये, पीतांबर गुलाबी

ये करता है दिल में, हमारे खराबी

जो तेरा हुआ उसको, क्या कोई सँभाले

हमे ज़िंदा रहने दे, ऐ मुरली वाले

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले

यहाँ तुमने चेहरे से, पर्दा हटाया

वहीं अहले दिल को, तमाशा बनाया

बना ले बावरी को अब, अपना बना ले

हमे ज़िंदा रहने दे, ऐ मुरली वाले

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले

अपलोड कर्ता- अनिल भोपाल बाघीओ वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।