इक रात मैं दुखी होके

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक रात मैं दुखी होके सो गया था रोते रोते,

सपने में श्याम ने आकर कहा मुझको गले लगा कर,

मैं हु न क्यों चिंता करता है मेरे होते क्यों डरता है.

श्याम को मैंने देखा धीरज अपना खोया,

लिपट गया चरणों से फुट फुट कर रोया

मुश्का कर होले होले मेरे आंसू पौंछ के बोले,

मैं हु न क्यों चिंता करता है मेरे होते क्यों डरता है.

श्याम प्रभु ने बोलै मेरी शरण जो आया,

हार नहीं वो सकता तू काहे गबराया,

जिसको मैंने अपनाया उस पर है मेरी छाया,

मैं हु ना क्यों चिंता करता है ....

श्याम की बाते सुन कर भूल गया गम सारे,

ऐसा लगा की मेरा फिर से जन्म हुआ रे,

किया उनकी और इशारा सोनू दिल से ये पुकारा,

तू है ना फ़िक्र मुझको क्या है,

मैं हु न क्यों चिंता करता है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।