तेरे ही भरोसे मेरा परिवार था

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ही भरोसे मेरा परिवार था,

आज भी है और कल भी रहेगा,

तेरा ही सहरा मुझको तेरा ही अधार था,

आज भी है और कल भी रहे गा,

तेरी किरपा से श्याम सुखी परिवार है मेरा,

मेरा जीवन है खुशाल बड़ा उपकार है तेरा,

मेरा तो पालनहारा तुहि दातार था

आज भी है और कल भी रहेगा,

तेरे ही भरोसे मेरा परिवार था,

हर वक़्त मेरा तुमने कन्हियाँ साथ निभाया है,

जब दी आवाज तुम्हे तू नीले चढ़ कर आया है,

पहले भी इतना तुम पर मेरा अधिकार था,

आज भी है और कल भी रहेगा,

तेरे ही भरोसे मेरा परिवार था,

मेरी अर्जी को हर बार श्याम तुमने मंजूर किया,

बिन मांगे ही दातार मुझे तूने भरपूर दियां,

पहले भी सोनू तेरा कर्ज दार था,

आज भी है और कल भी रहेगा,

तेरे ही भरोसे मेरा परिवार था,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।