साँवरिया थारी मोरछड़ी

-रोशनस्वामी"तुलसी"
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया थारी मोरछड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

मेरा श्याम थारी मोरछड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

आड़े जद कोई संकट आवे,

मोरछड़ी सिर पे लहरावे,

टाले है म्हारी दुःख की घड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

सांवरिया थारी मोरछड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

मोरछड़ी म्हारे श्याम ने प्यारी,

मोरछड़ी की महिमा भारी,

हँसावे या तो रोते न बड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

सांवरिया थारी मोरछड़ी,निराली बड़ी जादुगरी,

मोर छड़ी की है सकलाई,

श्याम बहादुर जद लहराई,

खोली पट ताले जड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

सांवरिया थारी मोरछड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

श्याम धणी म्हारो बन्यो सहाई,

आलूसिंह जी जद लहराई,

"तुलसी"या बनावे बिगड़ी,निराली बड़ी जादुगरी,

सांवरिया थारी मोरछड़ी,निराली बड़ी जादूगरी,

लेखक:-रोशनस्वामी"तुलसी"

9887339360-9610473172

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।