गुफा सुहानी विच्च भवानी आप वसदी

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

गुफा सुहानी विच्च भवानी आप वसदी,

माता मेरी सब दे दिलां दे हाल दसदी।

माँ पहाडां दे सोहने नज़ारे,

किते बर्फा ते किते फुहारे।

नच्चा गावां ते ओन्सिआ पावां

दिल मोह लया ठंडीयां हवावा॥

तेरे भवन दिया निक्कीआं गलियाँ,

सोहने मंदिरां च सोने दीया टलीयां।

दर संगतां ने कतीयाँ फलिया,

तेरे बूहे दलीजा मल्लियां॥

लाल चोला ते लाला दी माला,

रूप मैया दा सब तो निराला।

चुन्नी रीजां दे नाल श्रृंगारी

कित्ती चन तारेयां मीनाकारी॥

बग्गे शेर दी आवाज पई आवे,

तेरे मिलने नू दिल ललचावे।

दिल दर्शी दा जद घबरावे,

तेरे भवन दीया फेरीआं लावे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।